MP मंत्री उदय प्रताप सिंह का बयान वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Wed 22-Apr-2026,12:00 PM IST +05:30

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MP मंत्री उदय प्रताप सिंह का बयान वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस MP-Minister-Uday-Pratap-Singh-Viral-Statement
  • मंत्री या उनके कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं, वीडियो व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर हो रहा है।

  • मंत्री उदय प्रताप सिंह का करेली में दिया गया बयान वायरल, सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर कही गई बात विवाद का कारण बनी।

  • सोशल मीडिया पर बयान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया, कुछ लोगों ने इसे मजाकिया बताया तो कई यूजर्स ने इसे असंवेदनशील टिप्पणी करार दिया।

Madhya Pradesh / Narsimhapur :

KARELI/ मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री Uday Pratap Singh एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। करेली में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन के दौरान मंच से दी गई उनकी एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद इसे लेकर बहस शुरू हो गई है।

दरअसल, यह कार्यक्रम सामूहिक विवाह समारोह का था, जिसमें बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े और उनके परिजन शामिल हुए थे। कार्यक्रम के समापन के दौरान विदाई का समय आया, तब भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए मंत्री ने माइक संभाला। इसी दौरान उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने-अपने जोड़े के साथ ही जाएं, किसी दूसरे जोड़े के साथ नहीं जाएं।

हालांकि, यह बयान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में या भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से दिया था, लेकिन इसका वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की और इसे नवविवाहित जोड़ों के प्रति असंवेदनशील और अनुचित टिप्पणी बताया। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

वहीं, कुछ लोग मंत्री के समर्थन में भी सामने आए हैं। उनका कहना है कि मंत्री का उद्देश्य केवल भीड़ को व्यवस्थित करना था, ताकि कोई जोड़ा बिछड़ न जाए या भ्रम की स्थिति न बने। समर्थकों का मानना है कि इस बयान को गलत संदर्भ में लिया जा रहा है और इसे विवाद का रूप देना उचित नहीं है।

यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता का बयान सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बना हो। इससे पहले भी कई मौकों पर सार्वजनिक मंचों से दिए गए बयानों ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर मंत्री या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में जुड़े व्यक्तियों को अपने शब्दों के चयन में कितनी सावधानी बरतनी चाहिए।